HPV वैक्सीन: सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका
सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं को प्रभावित करने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह कैंसर काफी हद तक रोकथाम से नियंत्रित किया जा सकता है। और इस रोकथाम में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है — HPV वैक्सीन।
आज भी कई महिलाएं या परिवार इस वैक्सीन के बारे में कम जानते हैं, या उन्हें सही जानकारी नहीं मिलती। इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि HPV वैक्सीन क्या है, कैसे काम करती है, और क्यों हर लड़की/महिला के लिए यह जरूरी है।
HPV क्या है और यह कैंसर कैसे बनाता है?
HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) एक बहुत आम वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति से शरीर में फैल सकता है। यह वायरस कई तरह का होता है, लेकिन इनमें से कुछ प्रकार (जैसे HPV 16 और 18) सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण माने जाते हैं।
कई बार यह वायरस शरीर में मौजूद तो रहता है लेकिन लक्षण नहीं देता। धीरे-धीरे यह गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में बदलाव करता है, और कई सालों बाद कैंसर में बदल सकता है।
HPV वैक्सीन क्या करती है?
HPV वैक्सीन शरीर को वायरस से लड़ने की क्षमता देती है। यह वैक्सीन उन HPV टाइप्स से बचाती है जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं।
इसका मतलब —
- संक्रमण होने से पहले वैक्सीन लगवा ली जाए, तो कैंसर होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
- यह पूरी तरह सुरक्षित है और दुनिया के कई देशों में लाखों लड़कियों और महिलाओं को दी जा चुकी है।
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किसे और कब लगवानी चाहिए?
डॉक्टरों के अनुसार:
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9 से 14 साल की लड़कियों के लिए यह वैक्सीन सबसे ज्यादा प्रभावी मानी जाती है।
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लेकिन 15–26 साल की महिलाएं भी इसे लगवा सकती हैं।
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कुछ मामलों में यह उम्र सीमा 45 साल तक भी बढ़ाई गई है — डॉक्टर की सलाह के अनुसार।
जितनी जल्दी वैक्सीन लगती है, उतना ही बेहतर सुरक्षा मिलती है क्योंकि उस उम्र में शरीर में वायरस होने की संभावना कम होती है।
कितने डोज़ होते हैं?
आयु के अनुसार डोज़ बदलते हैं:
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9–14 साल: 2 डोज़
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15 साल से ऊपर: 3 डोज़
डोज़ के बीच अंतर का पालन करना जरूरी है ताकि वैक्सीन का असर पूरी तरह हो सके।
क्या वैक्सीन 100% सुरक्षा देती है?
कोई भी वैक्सीन 100% गारंटी नहीं देती, लेकिन HPV वैक्सीन 90% तक जोखिम कम करती है।
फिर भी, महिलाओं को नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग (Pap Test / HPV Test) कराते रहना चाहिए।
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क्या इसके साइड इफेक्ट हैं?
साइड-इफेक्ट बहुत हल्के और सामान्य होते हैं, जैसे —
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हल्का दर्द
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इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन या लालपन
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हल्का बुखार
ये कुछ घंटों या 1–2 दिनों में ठीक हो जाते हैं।
कोई बड़ा या गंभीर साइड इफेक्ट बेहद दुर्लभ है।
भारत में HPV वैक्सीन की स्थिति
भारत में अब देश की अपनी HPV वैक्सीन “CERVAVAC” उपलब्ध है, जो पहले के मुकाबले कम कीमत पर मिलती है।
कई राज्य सरकारें इसे स्कूल में भी उपलब्ध करा रही हैं।
यह भारत में सर्वाइकल कैंसर को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वैक्सीन क्यों जरूरी है?
- यह कैंसर की शुरुआत को रोकती है
- जीवन भर की सुरक्षा देती है
- सुरक्षित, आसान और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है
- भविष्य में भारी इलाज के खर्च और दर्द से बचाती है
सर्वाइकल कैंसर ऐसे कैंसरों में से है जिसे रोकना संभव है, और HPV वैक्सीन इसी रोकथाम का सबसे बड़ा हथियार है।
अंत में…
अगर आपकी उम्र या आपके परिवार में किसी की उम्र HPV वैक्सीन लेने की श्रेणी में आती है, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
याद रखें—
रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर होती है।
HPV वैक्सीन सिर्फ एक इंजेक्शन नहीं है, यह महिलाओं के बेहतर और सुरक्षित भविष्य की मजबूत ढाल है।

